Tuesday, September 27, 2022

जन्मदिन विशेष: जया बच्चन की पहली फिल्म से अमिताभ बच्चन को इस डायरेक्टर ने निकाल दिया था बाहर

Unknown Facts About Jaya Bachchan: जया बच्चन के बारे में अनसुनी बातें

हिंदी सिनेमा की गुड्डी, मिली, हजार चौरासी की मां के नाम से मशहूर जया भादुड़ी जो शादी के बाद जया बच्चन हो गई। 9 अप्रैल 1948 को जबलपुर मध्यप्रदेश में जन्मी जया की स्कूली पढ़ाई सेंट जोसेफ़ कॉन्वेंट स्कूल भोपाल में हुई। इनके पिता पत्रकार व लेखक के रूप में प्रसिद्ध थे। घर में पढ़ाई लिखाई का माहौल था और कला की बातें भी हुआ करती थीं। पंद्रह साल की उम्र में ही माणिक दा यानी सत्यजीत रे की फ़िल्म ‘महानगर’ में इन्होंने पहली बार अभिनय किया। जब वे पिता जी के साथ एक बार शूटिंग देखने गईं तो वहां शर्मिला टैगोर ने इन्हें देख लिया। उस समय सत्यजीत रे भी एक ऐसे पात्र की ही खोज में थे जो अभिनय कर सके और उम्र में बच्ची हो। इस मामले में जया उनके लिए फिट बैठी। शर्मिला टैगोर के कहने पर जया को ‘महानगर’ फ़िल्म में काम करने का मौका मिला।

उसके बाद तो उन पर जैसे एक्टिंग का भूत सवार हो गया। इसके चलते उन्हें भारतीय फिल्म और टेलीविजन संस्थान पुणे भेज दिया गया। जहां इन्होंने एक्टिंग के गुर सीखे। इन्हें वहां एक्टिंग कोर्स में अव्वल आने पर स्वर्ण पदक यानी गोल्ड मैडल भी मिला। इनका प्रशिक्षण पूरा होने से पहले ही ऋषिकेश मुखर्जी वहां आए और संस्थान के प्रिंसिपल से बात की और फ़िल्म में काम करने के लिए आग्रह किया। कोर्स खत्म होते ही जया को गुड्डी फ़िल्म मिल गई। फ़िल्म ‘गुड्डी’ में वे धर्मेंद्र की फैन बनी थी। एक तरफ फ़िल्म इंडस्ट्री के हालात बदल रहे थे तो दूसरी तरफ इसी फ़िल्म के हीरो थे अमिताभ बच्चन। लेकिन उसी समय आंनद फ़िल्म भी बन रही थी तो अमिताभ की अभिनय कलग देख ऋषिकेश मुखर्जी को लगा की गुड्डी फ़िल्म में अमिताभ को रखना ठीक नहीं होगा। लिहाजा अमिताभ को निकाल दिया गया। इस तरह अमिताभ और जया इस फ़िल्म में साथ नहीं आ पाए।

Unknown Facts About Jaya Bachchan: जया बच्चन के बारे में अनसुनी बातें

साल 1972 में जया ने एक ऐसी फिल्म की जो रोमांस से भरपूर थी। इस फ़िल्म के गाने भी हिट रहे। इस फ़िल्म के हीरो थे रणधीर कपूर और फ़िल्म थी ‘जवानी दीवानी’। संजीव कुमार के साथ भी जया का यूँ तो राब्ता रहा। जया ने फ़िल्म ‘अनामिका’ में संजीव कुमार के साथ काम किया। फ़िल्म ‘कोशिश’को कभी नहीं भुलाया जा सकता। कई बार संजीव ने इंटरव्यू में कहा भी था कि फ़िल्म ‘अनामिका’ में ये मेरी हीरोइन बनी। ‘कोशिश’ में पत्नी, शोले में ‘बहू’ तो फ़िल्म ‘परिचय’ में बेटी। बस एक किरदार बाकी रह गया है कि मैं कभी उनके बेटे का किरदार निभा पाऊँ। साल 1972 में अमिताभ के साथ जया ‘बंसी बिरजू’ फ़िल्म में नजर आई। उसके बाद बी आर इशारा निर्देशित फिल्म ‘एक नजर’ में इनकी जोड़ी फिर से पर्दे पर आई।

एक किस्सा यह भी मशहूर हुआ कि जब पहली बार अमिताभ बच्चन ऋषिकेश के साथ एफ टी आई गए थे तब जया की नजर इन पर पड़ी जया ने तब अपनी सहेलियों से कहा कि इस लड़के में कुछ बात है। इसकी आखों में बड़ी गहराई है। कुछ लोग तो यहां तक मानते हैं कि वह पहली नजर का प्यार था। साल 1973 में नए अभिनेता अमिताभ के साथ कोई हीरोइन काम करने के लिए तैयार नहीं थी। ये कहते सुना गया कि ये लड़का फ्लॉप हो चुका है। ऐसे समय में जया ने फ़िल्म ‘जंजीर’ में अमिताभ के साथ काम किया। अमिताभ और जया ने पहले से ही तय कर लिया था कि यदि फ़िल्म हिट हुई तो ये विदेश में छुट्टी मनाने जाएंगे। फ़िल्म सुपर हिट साबित हुई लेकिन इन दोनों को छुट्टी की इजाजत नहीं मिली। अमिताभ के पिता बोले अगर विदेश जाना है तो पहले शादी करो फिर छुट्टी मनाने जाना।

Unknown Facts About Jaya Bachchan: जया बच्चन के बारे में अनसुनी बातें

इसके अलावा फिल्म ‘शोले’ जब बन रही थी तब जया मां बनने वाली थी। उन्होंने बेटी श्वेता को जन्म दिया उसके बाद अभिषेक को जन्म दिया और फ़िल्म ‘सिलसिला’ जब बन रही थी तो अमिताभ की बेटी ने जया से कहा आप काम करने न जाया करें पापा को करने दें। इस बात से जया एकदम सिहर सी गई और उसके बाद उन्होंने परिवार को समय देने का फैसला किया और फिल्मों से दूरी बना ली। साल 1981 के बाद एक लंबे समय बाद फिल्मों से दूर रहने के बाद ऑयल 1998 इन गोविंद निहलानी की फ़िल्म ‘हजार चौरासी की मां’ में नजर आई। जो कि प्रख्यात लेखिका महाश्वेता देवी के उपन्यास पर आधारित थी। फिर ‘फ़िजा’, ‘कभी-खुशी कभी ग़म’, ‘लागा चुनरी में दाग’ जिसमें इनके बेटे भी साथ थे। इसके बाद धीरे-धीरे उन्होंने राजनीति में कदम बढ़ाए और समाजवादी पार्टी की सदस्य बनी।

सामाजिक तौर पर जया आज भी काफी सक्रिय रहती हैं। दादी नानी की भूमिका में आने के बाद भी समाज सेवा का काम करती नजर आती है। हर तरह के किरदार में ढलने वाली जया कभी चुलबुली गुड्डी बनी तो कभी शरारती मिली, तो कभी अभिमान की संजीदा उमा इसके अलावा वे ‘जंजीर’ में चक्कू छुरिया तेज कराने वाली लड़की भी बनी। इनके शानदार अभिनय के कारण कई बार पुरुस्कृत किया गया। फ़िल्म फेयर की तरफ से जया को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड भी मिला। यकीनन भारतीय सिनेमा महत्वपूर्ण योगदान के लिए इतिहास में दर्ज इनके अभिनय को हमेशा याद किया जाएगा।

Bollywoodlocha Team
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