Sunday, December 5, 2021

वेब रिव्यू : बड़े कांड करने वाला छलिया है ‘मत्स्य कांड’

18 नवंबर को एमएक्स प्लेयर के ओटीटी प्लेटफॉर्म पर एक बड़ा कांड हुआ है। जिसका नाम है मत्स्य कांड। 11 एपिसोड का यह कांड इतना बड़ा है कि उसे देखने जाने से पहले आपको बॉलीवुड लोचा टीम के इस रिव्यू की आवश्यकता जरूर पड़ेगी।

‘सबसे अनर्थकारी शत्रु वो होता है। जिसकी बुद्धि ऋषि मुनियों की हो और जिसके कर्म राक्षसों के।’ एमएक्स प्लयेर पर इसी 18 नवंबर को रिलीज हुई वेब सीरीज सीरीज के ट्रेलर में ही आपने ये डायलॉग सुन लिया होगा। लेकिन सीरीज देखते हुए इसे फिर से सुनना मानों आपको कुछ अच्छा ही पा जाने जैसा लगता है। पुराणों में रूप बदलकर आने वाले लोग छलिये कहे जाते थे लेकिन आज कलयुग के समय में उन्हें कॉनमैन कहा जाता है।

इधर बॉलीवुड में हमेशा से ऐसे कॉनमैन पर छोटी-बड़ी फिल्में बनती रही हैं। जिसमें हमने बड़े से बड़े कांड देखे और उन कांड को करने वाले लोगों की कुछ काल्पनिक तो कुछ सच्ची कहानियों को सुना है। तो अब 11 एपिसोड की इस लंबी-चौड़ी वेब सीरीज को क्यों देखेंगे आप? अगर आपको कॉनमैन टाइप की फिल्में या अब आने वाली वेब सीरीज पसन्द हैं। ऐसी सीरीज जिसमें थ्रिल हो जबर वाला, एक्शन हो, थोड़ा रोमांस, थोड़ा ग्लैमर पसंद हो तो देख लीजिए।

सीरीज में मत्स्य नाम के एक शातिर अपराधी की कहानी दिखाई गई है। जो हर एपिसोड में अपने रूप बदलकर सामने आता है। साथ ही अपनी कलाकारी, शातिर दिमागी चालों से सब लोगों, पुलिस वालों को मूर्ख बना रहा है। अब क्या होगा उसके साथ? क्या वो कभी पकड़ा भी जाएगा? या पकड़ा गया तो उसके बाद क्या होगा? ये सब मैं बता दूँगा तो आप क्या करेंगे?

इन ठगों की जिंदगी भी वैसे कौतूहलता से भरी होती है। यही वजह है कि वे सबको दिलचस्प भी लगती हैं। दिलीप कुमार की फिल्म ‘संघर्ष’ से लेकर हाल ही में रिलीज हुई सैफ अली खान और रानी मुखर्जी की फिल्म ‘बंटी और बबली 2’ तक, इन सभी फिल्मों में ठगों और उनके कारनामों को हम अलग-अलग एंगल, कहानी, स्क्रिप्ट के हिसाब से देख चुके हैं। लेकिन वेब सीरीज के इस दौर में एमएक्स प्लयेर पर आई यह सीरीज इसी ओटीटी की अन्य कई सीरीज से कहीं थोड़े ज्यादा ही नंबर पाती है।

review Matsya Kaand Web Series Download Full HD leaked by telegram

रवि दुबे अपने 11 अलग-अलग किरदारों में रंग तो जमाते ही हैं बल्कि एकदम इस तरह फिट भी नजर आते हैं कि जैसे ये सीरीज उन्हीं के लिए लिखी गई हो। वहीं भोजपुरी सुपरस्टार रविकिशन एसीपी तेजराज सिंह की भूमिका में थोड़े एगोस्टिक, थोड़े ग्रे लुक में नजर आते हैं। हर दम धुआं फूंकने वाला, कसे हुए बदन का यह एसीपी अपना काम उम्दा तरीके से करता है। तो एक अन्य किरदार पीयूष मिश्रा जब बीच-बीच में आकर महाभारत, गीता के संवादों, पात्रों के माध्यम से कहानी को आगे बढ़ाते हैं तो लगता है वे उस कॉनमैन के सारथी बने हुए हैं।

जोया अफरोज के हिस्से भी कुछ अच्छे डायलॉग्स आए हैं जिन्हें ठीक तरीके से निभाते हुए वे काफी ग्लैमर्स से भरी नजर आती हैं। मधुर मित्तल, राजेश शर्मा और नावेद असलम जैसे कलाकारों का भी जब साथ प्रमुख भूमिकाओं के रूप में जुड़ा हो तो उन फिल्मों में चार चांद तो लगने ही हैं। सीरीज के निर्देशक अजय भुयान का काम ठीक-ठाक सा है। लेकिन कुछ एक सीन्स ऐसे भी बन पड़े और वेब सीरीज की लंबाई कुछ इतनी ज्यादा हो जाती है कि जिसकी वजह से वे कई जगह अपने हाथों से जैसे मानों सीरीज को फिसला रहे हैं। वैसे सीरीज की अत्यधिक लंबाई के लिए इसके डायरेक्टर के अलावा एडिटर पर भी थोड़ा दोषारोपण करना चाहिए।

सिनेमैटोग्राफर मनोज रेड्डी का काम बेहतर है इन सबसे।दिल्ली, मेरठ और जयपुर जैसे शहरों की रंगीनियत को उसके ही अंदाज-ए-बयां के रंग में बहुत ही बारीकी से अपने कैमरे में कैद किया हुआ काम आंखों को सुहाता है। बाकी मेकअप, लुक, सीरीज के बी.जी.एम आदि जैसी भी कुछ बातें इसमें अच्छी है। लिहाजा 11 एपिसोड वो भी 40-45 मिनट के देखने का समय हो तो देख सकते हैं।

अपनी रेटिंग -3 स्टार

Tejas Poonia
लेखक - तेजस पूनियां स्वतंत्र लेखक एवं फ़िल्म समीक्षक हैं। साहित्य, सिनेमा, समाज पर 200 से अधिक लेख, समीक्षाएं प्रतिष्ठित पत्रिकाओं, पोर्टल आदि पर प्रकाशित हो चुके हैं।

Related Articles

Stay Connected

21,986FansLike
3,042FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest Articles