Sunday, December 5, 2021

लोकप्रिय लोक गायिका ‘गुरमीत बावा’ के निधन से स्तब्ध हुआ हर कोई

पंजाबी लोक गायिका गुरमीत बावा का आज रविवार, 21 नवंबर 2021 को निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार भी चल रही थीं। शनिवार रात को गुरमीत बावा की तबीयत ज्यादा खराब होने के बाद उन्हें अमृतसर के अस्पताल में भर्ती करवाया गया। अस्पताल में ही 77 साल की गुरमीत ने अपनी आखिरी सांस ली। उनका अंतिम संस्कार सोमवार को किया जाएगा। उनके देहांत से पंजाबी संगीत इंडस्ट्री के साथ-साथ शहर की आम जनता में शोक की लहर है। उनका अंतिम संस्कार सोमवार को किया जाएगा।

गुरमीत बावा पंजाबी फ़िल्म जगत के अलावा लोक गायिकी का वो आला नाम जिसे सुनकर हर कोई मोहित हो जाए। आंखों को नम कर बैठे, लोक धुन में और उनके द्वारा ली गई लंबी-लंबी ‘हेक’ यानी राग , अलाप को सुन आप दिल दे बैठें। ऐसी गुरमीत बावा अब इस दुनिया में नहीं रही हैं।

18 फरवरी 1944 को जन्मी गुरमीत भारतीय पंजाबी भाषा का जाना-नाम था। अपनी लंबी हेक (अंग्रेजी: “हो” नामक पंजाबी लोक गीत की बेदम शुरुआत) के लिए जानी जाती थी, जिसे वे लगभग 45 सेकंड तक पकड़ कर रखती थीं। वे स्वर्गीय ‘आलम लोहार’ के बाद सबसे ज्यादा जुगनी गाने के लिए जानी गईं। इसके साथ ही वे दूरदर्शन पर गाने वाली पहली पंजाबी महिला गायिका थीं।

कोठे, पंजाब तब के ब्रिटिश भारत में जन्मी और अब 77 वर्ष की उम्र में अमृतसर, आज के गुरदासपुर जिले, आज़ाद भारत में फ़ौत हुई इस गायिका को कई सम्मान हासिल हुए।

gurmeet bawa passes away

एक शिक्षक बनने का सपना देखने वाली बावा ने जेबीटी की परीक्षा भी पास की और शिक्षक बनने वाली क्षेत्र की पहली लड़की बन गईं थीं। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। अपने पीछे वे अब तीन बेटियाँ छोड़ गईं हैं और उनका भरापूरा परिवार।

गुरमीत बावा ने अपने करियर की शुरुआत साल 1968 में की। कारण की उनके पति कृपाल सिंह बावा ने उन्हें बहुत प्रोत्साहित किया था इसके लिए। वे पारंपरिक लोक वाद्ययंत्रों के साथ ही गाया करती थीं।

हिंदी फिल्म जगत में प्रेम चोपड़ा , प्राण और विशेष रूप से राज कपूर जैसे बॉलीवुड सितारे भी उनकी तारीफ़ें करते नहीं थकते थे। कहा जाता है कि मुंबई के एक कार्यक्रम में इन बॉलीवुड अभिनेताओं ने गुरमीत बावा जी को उनकी प्रस्तुति के बाद स्टैंडिंग ओवेशन भी दी थी।

भारत के बाहर भी गुरमीत ने कई बार अपने गीत-संगीत की कला से लोगों को रिझाया था। पंजाब सरकार की ओर से 1991 में उन्हें पंजाब राज्य पुरुस्कार से सम्मानित किया गया था। ‘संगीत पुरस्कार’ पंजाब नाटक अकादमी द्वारा द नेशनल देवी अहिल्या अवॉर्ड, मध्य प्रदेश सरकार द्वारा साल 2002 में सरकार और हाल ही में ‘शिरोमणि गायिका’ पुरस्कार पंजाबी भाषा विभाग द्वारा 2008 में उन्हें दिया गया था।

वर्ष 1965 में भारत-पाकिस्तान के युद्ध के बाद सेना में मनोरंजन के लिए कोई कलाकार नहीं था। इसके बाद भारत सरकार ने देश भर से विभिन्न कलाकारों का देश के विभिन्न हिस्सों से चयन किया था। उनमें गुरमीत बावा का नाम मुख्य था। उन्होंने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, बेअंत सिंह के साथ-साथ देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी व पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी सहित विभिन्न सामाजिक व राजनीतिक शख्सियतों से सम्मान प्राप्त किया था। पंजाब के मुख्यमंत्री ने भी ट्वीट और इंस्टाग्राम पर उनके साथ अपनी एक तस्वीर को साझा करते हुए दुख प्रकट किया है।

गुरमीत बावा का यूं जाना लोक संगीत जगत के लिए बड़ी क्षति है। बॉलीवुडलोचा टीम ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति हेतु प्रार्थना करती है।

Tejas Poonia
लेखक - तेजस पूनियां स्वतंत्र लेखक एवं फ़िल्म समीक्षक हैं। साहित्य, सिनेमा, समाज पर 200 से अधिक लेख, समीक्षाएं प्रतिष्ठित पत्रिकाओं, पोर्टल आदि पर प्रकाशित हो चुके हैं।

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