Wednesday, January 19, 2022

रिव्यू: इस ‘बली’ से दूरी भली

अमेज़न प्राइम पर हाल ही में रिलीज हुई ‘छोरी’ फ़िल्म के निर्देशक ‘विशाल फुरिया’ की ही एक ओर फ़िल्म ‘बली’ आज रिलीज हुई है। वही निर्देशक, वही ओटीटी, वही फ़िल्म का जॉनर। अब ‘छोरी’ को देख चुके दर्शक ‘बली’ नाम की इस मराठी फिल्म को देखें या नहीं ये हम आपको बताने जा रहे हैं।

तो चलिए शुरू करते हैं बॉलीवुडलोचा के साथ। एक मराठी पिता क्रिक्रेट मैच खेल रहे अपने बेटे को कुछ तकलीफ होने पर अस्पताल लाया। यहां लाया तो थोड़े ही समय बाद उसके बेटे की एक दूसरे बच्चे से पटने लगी। अब जो बच्चा आया था बाद में उसे भी उस पहले से भर्ती बच्चे की तरह एक नर्स दिखने लगी। अब कहानी उस नर्स की। उसके बेटे के कैंसर हुआ तो उसी अस्पताल वालों की लापरवाही की वजह से वह नर्स भूतनी बन गई। वाह… वाह…

अब वह भूतनी बनी नर्स किस किसको दिखती है। किसके साथ क्या करती है? अस्पताल वालों ने उसके बेटे के साथ क्या किया? भूतनी के साथ-साथ और भी कई बातें ऐसी हैं जिनमें से एक-आध सवाल आपके अनुत्तर दिए ही निर्देशक कहानी का पटाक्षेप कर देते हैं।

movie review bali full movie download hd leaked by tamilrockers

निर्देशक विशाल फुरिया की हाल ही में अमेजन प्राइम पर आई फ़िल्म ‘छोरी’ ने खूब दाद पाई दर्शकों, समीक्षकों की लेकिन ‘बली’ में वे कहानी की भी बली देते नजर आते हैं तो साथ ही स्क्रिप्ट डिपार्टमेंट भी इसमें उनका साथ देता है। फ़िल्म का बैकग्राउण्ड स्कोर एक-आध जगह छोड़ दें तो प्रभाव नहीं जमाता। गीत-संगीत की बात मत करें तो बेहतर। एक्टिंग बस बढ़िया है लगभग सभी की। लेकिन निर्देशक विशाल को यह ध्यान रखना होगा कि वे अब ‘छोरी’ से एक कदम आगे की कहानी ही लेकर आएं। अन्यथा जरूरी नहीं कि सिर्फ हॉरर जॉनर को पकड़े रहें।

सिनेमैटोग्राफर, कैमरामैन, एडिटर अपना मिलाजुला काम करते हैं। एक्टर स्वप्निल जोशी सबसे उम्दा काम करते नजर आए। पूजा सांवत, अभिषेक बच्चनकर, प्रीतम कागने, शारदा कौल, रोहित कोकाटे, संजय रणदिवे आदि अपना स्वाभाविक अभिनय करते हैं। मेकअप फ़िल्म की कहानी के अनुरूप कई जगह मिसमैच लगता है।

ऐसी फिल्मों के लिए कहानी जितनी उम्दा होनी चाहिए उसके साथ-साथ बैकग्राउण्ड स्कोर, म्यूजिक, सिनेमैटोग्राफी, कैमरा आदि भी उतने ही उम्दा हों तभी ऐसे जॉनर की फिल्मों के साथ न्याय किया जा सकता है।

अपनी रेटिंग – 2 स्टार

Tejas Poonia
लेखक - तेजस पूनियां स्वतंत्र लेखक एवं फ़िल्म समीक्षक हैं। साहित्य, सिनेमा, समाज पर 200 से अधिक लेख, समीक्षाएं प्रतिष्ठित पत्रिकाओं, पोर्टल आदि पर प्रकाशित हो चुके हैं।

Related Articles

Stay Connected

21,986FansLike
3,118FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest Articles