Monday, October 25, 2021

बस एक दिन जुदा नहीं कर सकता है इस ‘अमित-रेखा’ को

Amitabh Rekha Facts: सदी के महानायक, बेहद चर्चित स्टार कलाकार अमिताभ बच्चन आज अपना 79 वां जन्मदिन मना रहे हैं। अमिताभ के जन्मदिन से ठीक एक दिन पहले रेखा का भी जन्मदिन होता है। रेखा कल 67 वां जन्मदिन मना रहीं थीं। लिहाजा आज बॉलीवुड लोचा टीम उन दोनों को एक साथ अपने इस लेख के माध्यम से बधाई दे रही है।

कहां से शुरू करें और कहां खत्म… समझ नहीं आता कि जैसे पहेली बुझानी हो। चाहे रेखा हो चाहे अमित जी इन दोनों के जीवन के अलग-अलग किस्से हों या परस्पर गूंथी हुई दोनों की कई कहानियां हों। सब कुछ तो यह दुनिया जानती ही है। खैर फिर भी 11 अक्टूबर 1942 को इलाहाबाद (उत्तर प्रदेश) में जन्मे अमिताभ आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। लोकप्रिता के चरम शिखर को हासिल कर चुका यह बूढ़ा शरीर आज भी उतना ही जोशीला नजर आता है जब हर साल के०बी०सी शुरू करते हुए उसी गर्म जोशी के साथ आज भी आप, हम दर्शकों का स्वागत, आभार, अभिनन्दन, आदाब कहता है।

भारतीय सिनेमा के इतिहास में अपना नाम स्वर्णिम अक्षरों से खुदवा चुके अमिताभ ने दादासाहेब फाल्के पुरस्कार, राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और फिल्मफेयर पुरस्कार सहित कई पुरस्कार जीत चुके हैं। इनके आम जीवन और सिनेमाई जीवन की चर्चा केसाथ ही जब इनके ज्योतिषीय जीवन की चर्चा होती है तो इस देश के कई ज्योतिषी एक ही स्वर में कहते हैं- अमिताभ बच्चन का लग्न कुंभ है। जो स्थिर व पृथ्वी तत्व प्रधान लग्न होने के कारण उस लग्न के जातक जमीन से जुड़े हुए होते हैं।

Amitabh Rekha Facts

ज्योतिषाचार्य पं. दयानंद शास्त्री के मुताबिक अमिताभ बच्चन का लग्न कुंभ है। यह स्थिर व पृथ्वी तत्व प्रधान लग्न है। कुंभ लग्न में केतु इन्हें जिद्दी बनाता है।अष्टम भाव में चार ग्रहों की स्थिति से अष्टम भाव के राजयोग का निर्माण हो रहा है, जिसके फलस्वरूप वह अद्वितीय प्रतिभा, गुप्त शक्ति, दैवी संपदा व गूढ़ ज्ञान से संपन्न हैं। अष्टमेश उच्च राशि का होकर अष्टम भाव में ही स्थित है। ज्ञान व ईश्वर कृपा का कारक गुरु उच्च का होकर वर्गोत्तमी है तथा द्वितीयेश व लाभेश होकर कीर्ति व व्यवसाय के दशम भाव और धन के द्वितीय भाव पर दृष्टि डाल रहा है।

वहीं रेखा की कुंडली की बात करें तो इन्हीं ज्योतिषी का कहना है कि भानुरेखा गणेशन यानी रेखा की ज्योतिष गणना के मुताबिक, इनका जन्म धनु लग्न एवं कुंभ राशि में हुआ। जन्म के समय पंचम भाव मनोरंजन का स्वामी द्वादश होकर लग्न में मित्र राशि धनु का था जिसने एक उत्तम कलाकार के रूप में हिन्दी फिल्मों फिल्मों में इन्हें स्थापित किया। लग्न में नीच के राहु के साथ मंगल सप्तम पर शनि युक्त मंगल की दृष्टि ने दाम्पत्य सुख से वंचित रखा। सितारों का संकेत है फिल्मी सफर चाहे थम जाए पर रेखा के चर्चे हमेशा बने रहेंगे।

ये तो हुई ज्योतिषीय नजर की बात अब अगर उनके वास्तविक जीवन की चर्चा करें तो वह भी कुछ इसी तरह का दिखाई देता है। आज ही अपने जन्मदिन पर अमिताभ अपनी ही उम्र गलत बता बैठे थे तो तुरंत मीडिया में , सोशल मीडिया में यह बात फैलने लगी थी।

दरअसल अमिताभ ने कल ही अपने जन्मदिन को लेकर एक पोस्ट ट्विटर पर साझा किया और हमेशा की तरह एक कैप्शन दिया। बिग बी ने लिखा, ‘अस्सी की ओर चले.. जब साठा तब पाठा, जब अस्सी तब लस्सी, मुहावरे को समझना भी एक समझ है’। इसके साथ उन्होंने कई हंसने वाले इमोजी बनाए। हालांकि उनकी इस गलती को उनकी बेटी श्वेता ने कुछ देर बाद ही कमेंट सेक्शन में ठीक किया।

अमिताभ बच्चन ने अपनी इतने लंबी ज़िंदगी में कई बार अपनी बीमारी के कारण मुश्किल दौर को भी देखा है। यह तो अच्छी बात है कि वे हमेशा अपनी बीमारी पर विजय पाते रहे हैं। कोरोना काल में भी उनके संक्रमित होने के कारण उनका परिवार ही नहीं बल्कि यह दुनिया भी सुनकर सकते में आ गई थी कि अमिताभ जैसी शख्सियत को कोरोना कैसे हो गया? इससे ठीक 38 साल पहले जुलाई 1982 में भी पूरा देश अमिताभ बच्चन की सेहत को लेकर इससे भी कहीं ज्यादा चिंतित हुआ था।

उस वक्त कोई उनकी लंबी उम्र के लिए हवन, यज्ञ कर रहा था तो कोई नवग्रह की पूजा, कोई गुरुद्वारे में अरदास कर रहा था तो कोई पीर बाबा की दरगाह पर जाकर उनके लिए दुआ मांग रहा था, तो कोई चर्च में गॉड से प्रेयर कर रहा था। फिल्म ‘कुली’ के एक स्टंट सीन की शूटिंग के दौरान अमिताभ बच्चन इस कदर घायल हुए थे कि एक बार तो बड़े-बड़े डॉक्टर्स तक ने हाथ खड़े कर दिए थे। देश भर में उनकी हालत ‘क्रिटिकल’ होने का समाचार फैलने से सभी की सांसें अटक सी गईं थीं। उसी दौरान एक बार इंदिरा गांधी ने भी तब अमिताभ से मिलते हुए कहा था- “बेटे, चिंता मत करो तुम बिलकुल ठीक हो जाओगे।”

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इस घटना का जिक्र इंदिरा गाँधी के क़रीबी रहे नेता माखनलाल फोतेदार ने अपनी पुस्तक- ‘द चिनार लीव्स- ए पॉलिटिकल मेमॉयर’ में भी किया था। “इंदिरा गांधी ने विदेश से लौटकर ही मुझसे कहा कि पंडित हरसुख को अस्पताल भेजो। अमिताभ की सेहत के लिए पूजा करानी है।” खैर इसके अलावा पनामा पेपर्स लीक मामले में भी उनका नाम उछला।

वहीं दूसरी और कल एक्ट्रेस रेखा का जन्मदिन था और उनके तमाम फैन्स जो आम दर्शक हों या फिल्मी हस्तियां जैसे आज अमिताभ बच्चन को ट्वीट कर बधाइयां दे रहे हैं वो कल उन्हें मिल रहीं थीं। इस लिहाज से यह जन्मदिन का महापर्व करीबन दो दिन हर साल बनाया जाता है और बनाया जाता रहेगा। सोशल मीडिया पर उन्हें खूब बधाई मिलती रहेगी।

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अमिताभ की तरह ही रेखा के बारे में भी यह दुनिया बहुत कुछ जानती है। खास करके चर्चित अभिनेत्रियों- अभिनेताओं को लेकर हमारे भारतीय समाज का स्त्री वर्ग हो या पुरुष वह कुछ ज्यादा ही क्युरिसिटी दिखाता आया है। वे रोज कितना पानी पीते हैं? क्या खाते हैं? क्या कसरत करते हैं? क्या योगा करते हैं? आदि तमाम छोटी से छोटी बात भी हर आदमी जानना चाहता है फिर उसे अपने जीवन में लागू करने की कोशिश करता है।

इन आँखों की मस्ती के मस्ताने हजारों हैं ….

रेखा की खूबसूरती का हर कोई दिवाना है। और हो भी क्यों ना, 67 साल की उम्र में भी रेखा में वे दिलकश अदाएं आज भी नजर आतीं हैं, जो वर्तमान की किसी भी हीरोइन को फेल कर सकने का माद्दा रखती हैं। यही वजह है कि उन्हें ‘रेखा द एवरग्रीन ब्यूटीफुल एक्ट्रेस’ के तौर पर भी जाना जाता है। वे अपनी सुंदरता और ड्रेसिंग सेंस के लिए तो जानी जाती ही हैं साथ ही जब भी कैमरे के सामने होती हैं तो लोगों की उन पर से नजरें हटाए नहीं हटती। दर्शक आज भी उनकी खूबसूरती के दिवाने हैं, मस्ताने तो हजारों हैं हीं।

कुछ ज्योतिषियों की तरह ब्यूटी एक्सपर्ट लोग मानते हैं कि 67 साल की उम्र में इतनी चमकती हुई स्किन पाने के लिए आपको बेहद केयर, देखभाल की जरूरत होती है। रेखा इस दुनिया के लिए मोहब्बत का वो सिलसिला है जो थमने का नाम ही नहीं लेता। एक तो वह अमित के साथ होकर भी उनसे दूर है इसलिए भी यह मोहब्बत कम नहीं होती तो दूसरी ओर दूर होकर भी पास है।

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मीडिया रिपोर्ट्स और मुंबई में बैठे पत्रकारों का कहना है कि यूं तो रेखा और अमिताभ के प्यार का किस्सा 80 के दशक में ही खत्म हो चुका था। लेकिन आज भी उनके किस्से लोगों के लिए उतने ही दिलचस्प बने हुए हैं। फिर चाहे रेखा द्वारा अमिताभ को ‘इनको’ की बजाए ‘इन्‍होंने’ कहना हो या आज भी मांग में सिंदूर भरना। दरअसल रेखा के करीबी यह भी बताते हैं कि उन्होंने एक व्यवसायी मुकेश से शादी की थी और रेखा के अचानक विदेश चले जाने के कारण उस व्यवसायी ने आत्महत्या कर ली थी। इस लिहाज से देखें तो रेखा मुकेश के नाम का सिंदूर लगाती हैं।

साथ ही कम लोग ही यह जानते हैं कि रेखा अमिताभ को कभी उनके नाम से नहीं पुकारा। क्योंकि हमारे भारत देश में तथाकथित समाज की मान्यताओं के अनुसार अपने पति का नाम नहीं लिया करतीं। एक बार फिल्ममेकर मुजफ्फर अली ने यह बात एक इंटरव्यू के दौरान बताई थी। उन्होंने साथ ही यह भी बताया था कि जब फिल्‍म ‘उमराव जान’ की शूटिंग दिल्‍ली में हो रही थी तो सेट पर अक्‍सर अमिताभ आ जाया करते और अमिताभ को देख कर रेखा चलती फिरती लाश जैसी हो जाती थीं। उन्हें देखते ही सुध बुध खो बैठती थीं।

70 के दशक में आई फिल्म ‘दो अनजाने’ के सेट से रेखा का अमिताभ से आकर्षण का जो सिलसिला शुरू हुआ था वो आज तलक थमा नहीं है। बल्कि उसकी ताजगी दिनों-दिन परवान ही चढ़ती आ ही है उनके भरपूर किस्सों से यह मोहब्बत हर साल जिंदा हो जाती है। उनके प्यार की बात करें तो यह बात सबके सामने तब खुलकर आई, जब फिल्म ‘गंगा की सौगंध’ के समय एक को-एक्टर रेखा को भलाबुरा कहने लगा, यहां तक कि उसने रेखा के साथ बदतमीजी भी कर दी। वहां बैठे अमिताभ रेखा का अपमान बर्दाश्त नहीं कर पाए और अपना आपा खो बैठे। कहा तो ये भी जाता है कि अमिताभ ने गुस्से में उस बन्दे की पिटाई भी कर दी थी। बस इस घटना के बाद अमिताभ-रेखा के प्यार के किस्से आम हो गए।rekha amitabh do anjane

जया को ‘दीदी भाई’ कहने वाली रेखा ने जब बॉलीवुड में कदम रखा तो मुंबई में उनकी सबसे पहली दोस्त जया बच्चन ही थीं। रेखा उनके ऊपर वाले फ्लैट में रहती थीं और उन्होंने लोगों को जया बच्चन के घर का नंबर दे रखा था। जब भी रेखा के लिए फोन आता, तो जया उन्हें बुला लेती थीं। तब जया की शादी नहीं हुई थी। रेखा हमेशा से ही जया को दीदीभाई कह कर बुलाती थीं।

लेकिन एक दिन अपनी उसी सहेली रेखा की मांग में सिंदूर देखकर जया रोने भी लगीं थी। किस्सा था उन दिनों का जब रेखा और अमिताभ बच्‍चन के अफेयर के चर्चे बेहद गर्म थे, उस पर जब रेखा ऋषि कपूर और नीतू सिंह की शादी पर पहुंचीं, तो सबके आकर्षण का केंद्र बन गईं। उनके माथे पर सजी लाल बिंदिया, मांग में सिंदूर और गले में मंगल सूत्र देखकर सबमें खुसफुसाहट होने लगी। इस शादी में अमिताभ पत्‍नी जया और अपने पैरेंट्स के साथ पहुंचे थे। शादी में रेखा पर लगभग सभी मेहमानों की नज़र थी, लेकिन वो बस अमिताभ को ही देख रही थीं। दोनों के बीच कुछ देर बातचीत भी हुई। जया पहले शांत रहीं और सर झुका कर एक ओर बैठ गईं। उनकी आंखों से आंसू बहने लगे। हालांकि काफी लंबे समय बाद रेखा ने खुलासा किया कि वे एक फिल्‍म के सेट से सीधे शादी में पहुंचीं थीं और ये लुक उनकी फिल्‍म का गेटअप था।

इसी तरह जब साल 1980 में यश चोपड़ा ने अमिताभ, रेखा और जया को लेकर फ़िल्म ‘सिलसिला’अनाउंस की, तो भी सिने जगत में एक हंगामा सा मच गया था। खबरों की मानें तो अमिताभ ने ही उन दोनों को साथ फिल्म करने के लिए मनाया था। ताकि उन दोनों के बीच की कड़वाहट को खत्म किया जा सके। पहले यश जी रेखा और जया की जगह परवीन बॉबी और स्मिता पाटिल को लेकर ‘सिलसिला’ बनाने वाले थे। कश्मीर में शूटिंग से पहले अमिताभ ने फिल्म की स्क्रिप्ट पढ़ी, तो उन्होंने यश जी से कहा कि क्यों न जया और रेखा को लिया जाए और इस तरह ‘सिलसिला’ बनी।

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तो ये रही बात रेखा और अमिताभ के जीवन के कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं की लेकिन उनके जन्म की तारीख में एक दिन का फासला होने से भी उनके जीवन के इन तमाम किस्सों को अगर कोई अफवाह भी माने या अमिताभ और रेखा आज भी आकर यह कह दे कि ये अफवाहें हैं तब भी उन दोनों के जीवन की प्रेम गंगा के बीच बहती इस एक दिन के अंतराल रूपी बाड़ से उसकी धार कम नहीं हो सकती। वह प्रेम कम नहीं हो सकता जो दुनिया जहान को जग जाहिर है।

हिंदी साहित्य में रीतिमुक्त काव्य धारा के एक कवि बोधा का दोहा है –

अति छीन मृनाल के तारहु ते, तेहि ऊपर पाँव दै आवनो है।
सुई बेह ते द्वार सकीन तहाँ, परतीति को हाँड़ो दावनो है॥
‘कवि बोधा’ अनी घनी जेजहु ते, चढ़ि तापै न चित्त डरावनो है।
यह प्रेम को पंथ कराल महा, तरवारि की धार पै धावनो है॥

तो रेखा और अमिताभ बच्चन के इस तरवार रूपी प्रेम की धार को याद करते हुए बॉलीवुड लोचा टीम एक बार पुनः उन्हें उनके जन्मदिन पर अशेष शुभकामनाएं देती हैं। और यह दुआ करती है उनके हक में की एक दिन किसी न किसी जन्म में इन दोनों के बीच का प्रेम अपनी मंजिल और मुकाम को जरूर पाएगा। जब तक वह उस पूर्णता को प्रेम की हासिल न कर ले तब तक रेखा के साथ ही उनके अमिताभ भी जन्म लेना ही होगा। तभी यह अमित-रेखा एक दिन की जो दूरी बनाए हुए है वह हमेशा-हमेशा के लिए खत्म हो सकेगी।

Tejas Poonia
लेखक - तेजस पूनियां स्वतंत्र लेखक एवं फ़िल्म समीक्षक हैं। साहित्य, सिनेमा, समाज पर 200 से अधिक लेख, समीक्षाएं प्रतिष्ठित पत्रिकाओं, पोर्टल आदि पर प्रकाशित हो चुके हैं।

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