Tuesday, September 27, 2022

10 हिट फिल्मों के सबसे खराब डायलॉग, जिसे सुनकर बाल नोचने का मन करता है

10 Worst Bollywood Dialogues: हिंदी फिल्मों के 10 सबसे खराब डायलॉग, जिसे सुनकर आपको हंसी नही आती बल्कि बाल नोचने का मन करता है

10 Worst Bollywood Dialogues: साल में सौ-डेढ़ सौ से ज्यादा फिल्में रिलीज करने वाला बॉलीवुड। हमारा आपका सिनेमा समाज। जिसमें सिनेमा के विभिन्न रंग-रूप दिखाई देते हैं। उसमें बहुत ही कम फिल्में ऐसी होती हैं जिनके डायलॉग्स जुबान पर हमेशा के लिए चढ़ जाते हैं। लेकिन कई ऐसी हिट फिल्में भी दर्शकों द्वारा बना दी जाती हैं जिनके डायलॉग सुनकर आपको उल्टियां होने लगें। या आप उनसे नफरत करने लगें।

हम आज उन्हीं चुनी हुई 10 हिट फिल्मों के डायलॉग्स लेकर आए हैं आपके लिए। जिन्होंने कारोबार तो खूब किया। लेकिन दिल के कारोबार करने में सफल नहीं हो सकी। सिनेमा में ऐसी न जाने कितनी ही फिल्में अमर हो गयीं अपने किरदारों , गानों या डायलॉग्स की वजह से। लेकिन बहुत सी फिल्में ऐसी भी थीं, जिसमें ऐसे ऐसे वाहियात डायलॉग्स थे जिन्हें सुनकर आपको फिल्म छोड़ कर भाग जाने का मन हो।

10 Worst Bollywood Dialogues: तो चलिए आज आपको बताते हैं ऐसे ही 10 सबसे खराब डायलॉग के बारे में!

साल 1998 में आई मिथुन चक्रवर्ती की फ़िल्म ‘गुंडा’

कहने के लिए यह हिट फिल्म है और बहुत से लोगों की फेवरेट भी हो सकती है। फिर भी इसका एक डायलॉग था-

“मैं गरीबों के लिए हीरो हूँ। . और तुम जैसे लोगों के लिए विलेन . . . . नाम है मेरा शंकर . . . . हूँ मैं गुंडा नंबर 1 ”

अब आप सोचिए क्या ही मतलब है इसका।

साल 1998 में ही आई मुकेश तिवारी की फ़िल्म ‘चाइना गेट’

10 Worst Bollywood Dialogues

वैसे तो ये फ़िल्म अपने नाम के हिसाब से ही गुमशुदा सी है। कमाई भी ज्यादा नहीं की थी। उसका एक डायलॉग है –

“मेरे मन को भाया . . . मैंने कुत्ता काट के खाया ”

ऐसे डायलॉग को सुनकर हंसी नहीं आती। बल्कि अपने बाल नोचने का मन करता है।

इसके बाद साल 2010 में आई विवेक ओबेरॉय वाली फिल्म ‘प्रिंस’

नाम भले राजकुमार को सम्बोधित करता हो। लेकिन यह भी डब्बा गोल ही रही। दर्शकों का भी इसने डब्बा गोल ही किया था। इसका एक डायलॉग था।

“मैंने उसके दिल की हार्ड डिस्क में फरेब का वाइरस पहले ही डिटेक्ट कर लिया था ”

साल 2014 में हिमेश रेशमिया की फ़िल्म ‘द एक्सपोज’ में भी कुछ एक्सपोज भले था या नहीं लेकिन डायलॉग्स के नाम पर भी इसने कुछ एक्सपोज नहीं किया था।

“तेरे शरीर में इतना खून नहीं होगा . . . जितना रवि कुमार एक बार में मूत देता है ”

अब ऐसे डायलॉग्स देखकर, सुनकर तो बॉलीवुड वालों पर तरस ही खाया जा सकता है।

2013 में साजिद खान की ‘हिम्मतवाला’ ने खूब रिकॉर्ड ब्रेक किए। लेकिन डायलॉग्स के मामले में इसने जरा भी हिम्मत नहीं दिखाई। डायलॉग्स जरा भी हिम्मती नहीं थे इसके।

“दुनिया वालों मुझे न दिखाओ आइना . . . . नहीं तो मैं बोलूंगा मेड इन चाइना ”

गुंडा फ़िल्म का ही एक और डायलॉग था। जिसे पढ़कर आप कहेंगे ये बॉलीवुड वाले इतना घटिया लिखते कैसे हैं।

10 Worst Bollywood Dialogues

“मुन्नी मेरी बहन मुन्नी . . तू मर गयी ? लम्बू ने तुझे लम्बा कर दिया . . . माचिस की तीली को खम्बा कर दिया ”

मिलन लुथरिया डायरेक्टर की फ़िल्म ‘वंस अपॉन अ टाइम इन मुंबई दुबारा’ जिसमें अक्षय कुमार , इमरान खान, सोनाक्षी आदि थे। उसमें भी एक डायलॉग खुद का दिमाग नोच लेने को कहता है। यह डायलॉग देखा जाए तो द्विअर्थी है।

“दूध में निम्बू जिसने डाला . . . पनीर उसका !”

डेजी शाह, जरीन खान , शरमन जोशी, करन सिंह ग्रोवर अभिनीत फ़िल्म ‘हेट स्टोरी-3’ से तो दर्शकों ने भी खूब हेट किया होगा। अब जो फ़िल्म ही हेट3 है तो उससे हेट भी 3 नहीं 6 बार होनी चाहिए कि नहीं?

“जान जाए लेकिन सम्भोग होने न पाए ”

सिंह साहब द ग्रेट फ़िल्म ‘सन्नी पाजी’ की फ़िल्म थी 2013 में आई थी पर डायलॉग इसका ग्रेट नहीं था।

“सरदार जब दुश्मन को पकड़ लेता है न तो उसकी हड्डियां तड़तड़ाने लगती हैं . . . तड़ तड़ तड़ तड़ तड़ तड़ तड़ तड़ तड़ तड़ तड़ !”

हालांकि सरदार जरूर कुछ इस बात पर राजी हो सकते हैं लेकिन ज्यादातर समझदार इससे फालतू ही कहेंगे।

‘रेस3’ सलमान खान की फ़िल्म थी कहने को। लेकिन इसने कारोबार तो सल्लू मियां के नाम से खूब किया। पर ये उस रेस में हार गई जो दर्शकों के दिलों में लगती है। इसका डायलॉग भी इंवे ही था।

“आवर बिजनेस इस आवर बिजनेस . . नन ऑफ़ यॉर बिजनेस !”

आपको ये फिल्में कैसी लगी थीं बताना जरूर और ऐसी ही मजेदार खबरों के लिए बॉलीवुड लोचा के फेसबुक पेज को भी लाइक कर देना। अगर हमारे लेख पसन्द आते हैं आपको जरा भी।

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