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INTERVIEW: ‘‘भाबी जी घर पर हैं‘‘ की जगह कोई नहीं ले सकता - रंजीत

INTERVIEW: ‘‘भाबी जी घर पर हैं‘‘ की जगह कोई नहीं ले सकता – रंजीत

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एंड टीवी के मशहूर शो ‘भाबी जी घर पर हैं‘ शनिवार स्पेशल ने अपने शानदार स्क्रीनप्ले और अनूठे किरदारों के साथ सभी उम्र के दर्शकों को रोमांचित किया है। भाबी जी घर पर हैं शनिवार स्पेशल के आगामी विशेष एपिसोड में बॉलीवुड के चर्चित खलनायक रंजीत नजर आयेंगे। उनसे हुई बातचीत के कुछ प्रमुख अंश निम्नलिखित हैं :

भाबी जी घर पर हैं की शूटिंग करने का अनुभव कैसा था?

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यह शानदार अनुभव था। भाबी जी घर पर हैं की पूरी यूनिट, कलाकार और निर्देशक बेहद प्रोफेशनल, सहयोगी और मेहनती हैं। उनके साथ काम करके बहुत मजा आया। मैंने वाकई में उनके साथ काफी अच्छा समय बिताया।

क्या आपने शो देखा है?

हां, मैं यह शो देखता हूं। हमेशा नहीं, लेकिन जब भी समय मिलता है, मैं यह शो देखता हूं। मुझे शो के कलाकार और अनूठा कॉन्सेप्ट पसंद है। यह बेहद मनोरंजक है।

इस शो के कहानियों की यदि बात करें, तो आपको कौन सा किरदार निभाना अच्छा लगेगा- तिवारी या विभूति का?

इस शो के सभी किरदार अद्भुत हैं और दर्शक उनके परफॉर्मेंस के आधार पर उन्हें देखना पसंद करते हैं। हर कोई अपनी जगह अच्छा है और कोई उन्हें रिप्लेस नहीं कर सकता। उनकी अपनी पहचान है और परफॉर्म करने का रवैया भी। यदि विभूति और तिवारी की बात करें, तो दोनों ही शानदार कलाकार हैं और यह फैसला करना मुश्किल है कि मैं कौन सा किरदार निभाना पसंद करूंगा।

रंजीत
रंजीत

इस शो में आपको लुक क्या है? दर्शकों को इसमें क्या देखने को मिलगा?

यदि आपको किसी खास स्टाइल में लोगों द्वारा पसंद किया जाता है, तो वह ट्रेंड बन जाता है और लोग बार-बार आपको उसी रूप में देखना चाहते हैं। लेकिन आज मैं एक अलग स्टाइल में नजर आऊंगा। मैंने कुछ कैजुअल कपड़े पहने हैं, जो मैं आमतौर पर पहनता हूं। इसके साथ ही मैं जो किरदार निभाने जा रहा हूं, वह भी सामान्य है, जोकि मेरी ड्रेसिंग से मेल खायेगा।

क्या शूटिंग के लिये आने से पहले आपने ‘सही पकड़े हैं‘ लाइन की पै्रक्टिस की थी?

यह अंगूरी भाबी का तकिया कलाम है। यदि स्क्रिप्ट में मेरे लिये ऐसी कोई डिमांड होगी, तो मैं जरूर करूंगा। यह एक अच्छा और मजाकिया डायलॉग है।

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क्या आप और भी डेली सोप्स में काम करेंगे?

हां, यदि मुझे मौका मिला, तो मैं डेली सोप्स में काम करूंगा। अभिनय एक ऐसी चीज है, जो अंदर से आती है और यह उम्र के साथ दूर नहीं जायेगी। मुझे अभिनय करना हमेशा से पसंद रहा है, फिर चाहे बड़ा पर्दा हो या छोटा पर्दा।

इस शो में पड़ोसी एक-दूसरे की बीवियों को रिझाने का प्रयास कर रहे हैं…. क्या आप कभी अपनी पड़ोसी की पत्नी के प्रति आकर्षित हुये हैं?

यह घरेलू जीवन का हिस्सा है। लड़कों को दूसरों की बीवियां या गर्लफ्रेंड हमेशा अच्छी लगती है, फिर चाहे उनकी अपनी गर्लफ्रेंड/पत्नी कितनी भी सुंदर क्यों न हो। यह लड़कों के स्वभाव में होता है, कभी-कभी यह वल्गर हो सकता है और कभी-कभी यह मजाकिया हो सकता है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि वह रिश्ता कैसा है। एक पुरूष सिर्फ इसलिये महिला को प्यार नहीं करता कि वह सुंदर है, उसे महिला की मुस्कुराहट, बालों या किसी और चीज से प्यार हो सकता है। प्यार की कोई सीमा नहीं होती।

हमारे शो में, विभूति ने कभी भी अनीता से कोई बहस नहीं जीती है। हमारे दर्शक यह जानना चाहेंगे कि क्या आप अपनी पत्नी से किसी बहस में जीते हैं?

यह सभी पुरूषों की आम समस्या है। हम बहस में अपनी बीवियों से नहीं जीत सकते हैं। लेकिन सबसे ज्यादा जो चीज मायने रखती है, वह यह कि हमें कोई निगेटिव एटीट्यूड और इगो नहीं रखना चाहिये। हर घर की अपनी समस्यायें होती हैं, लेकिन हमें उनसे पार पाना सीखना चाहिये।

रंजीत, सुभांगी आत्रे, शक्ति कपूर, आसिफ शेख, सौम्या टंडन, रोहिताश गौड़
रंजीत, सुभांगी आत्रे, शक्ति कपूर, आसिफ शेख, सौम्या टंडन, रोहिताश गौड़

एक ऐसी चीज का नाम बताये, जिसके लिये पड़ोसी जाने जाते हैं?

मैं पिछले 50 सालों से मुंबई में रह रहा हूं और मेरे पास यह देखने का समय नहीं है कि कौन मेरा पड़ोसी है और कौन रिश्तेदार। लेकिन मैं उन सभी लोगों का सम्मान करता हूं, जो मेरी जिंदगी में हैं और उसका हिस्सा रहे हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि मेरे साथ उनका संबंध कैसा है। मेरी जिंदगी एक खुली किताब की तरह है और मैं बेहद मेहमाननवाज व्यक्ति हूं और लोगों की परवाह करना मुझे अच्छा लगता है।

क्या कोई बॉलीवुड फिल्म भी कर रहे हैं?

मैंने कुछ फिल्में की हैं, जो रिलीज के लिये तैयार हैं। लेकिन सच कहूं तो मेरे जैसे किरदार इन दिनों मुश्किल से ही लिखे जा रहे हैं। इस उम्र में मैं काम कम करता हूं और आराम ज्यादा। मुझे जो भी काम मिलता है, मैं करता हूं और मुझे उसमें मजा आता है, फिर चाहे एक दिन का काम हो या दो दिनों का।

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