INTERVIEW: मैं हमेशा से ही नागिन की भूमिका निभाना चाहती थी – ऋषिका मिहानी

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सोनी सब के शो इच्छाप्यारी नागिन में फिलहाल ऋषिका मिहानी को दिव्या का किरदार निभाते हुए देखा जा रहा है। वे शो में जल्द ही नागिन के रूप में नेगेटिव किरदार में नजर आयेंगी। उनसे हुई बातचीत का एक छोटा-सा।

अपने किरदार के बारे में संक्षेप में बतायें।

मेरा किरदार विशैलगढ़ में रहने वाली विशप्रीत का है। वह विशाली और विशनैनी की बहन है। उनकी तरह ही इच्छा और प्रताप परिवार से बदला लेने के लिये धरती पर आई है। वह दिव्या के रूप में प्रताप के घर आती है। घर में कदम रखने के साथ ही शुरुआत में वह प्रताप परिवार में अपनी जगह बनाने के लिये अच्छा व्यवहार करती है।

इच्छाप्यारी नागिन में काम करने पर कैसा महसूस हो रहा है?

इच्छाप्यारी नागिन जैसे स्थापित शो का हिस्सा बनने पर अच्छा महसूस हो रहा है। सोनी सब परिवार की तरह है, लेकिन मुझे इनके साथ काम करने का मौका कभी नहीं मिला। अब मैं सोनी सब का हिस्सा बन गई हूं। इतने अच्छे कलाकारों और टीम के साथ जुड़ने पर खुद को खुशकिस्मत मानती हूं। सेट का माहौल काफी अच्छा है।

आपने नागिन जैसा किरदार क्यों चुना?

मैंने टेलीविजन इंडस्ट्री में नागिन ट्रेंड के बारे में काफी सुन रखा था। मैं हमेशा से ही नागिन की भूमिका निभाना चाहती थी। मैं देखना चाहती थी कि नागिन के रूप में कैसी दिखूंगी और इच्छाप्यारी नागिन शो में विशप्रीत का किरदार निभाने पर मुझे वह मौका मिला। मुझे इस किरदार का लुक और उसके हाव-भाव बहुत पंसद आये।

ऋषिका मिहानी
ऋषिका मिहानी

आपकी बहन मुस्कान मिहानी काफी लंबे समय से सोनी सब से जुड़ी हुई हैं और वे अपनी कॉमेडी के लिये जानी जाती हैं। क्या इससे आपको किसी प्रकार का दबाव महसूस होता है?

हां, बिल्कुल शुरुआत में मैं काफी दबाव में थी। अपनी बहन की साख को बनाये रखना मेरे लिये एक बड़ी चुनौती थी। अपनी बहन की बेहतरीन परफॉर्मेंस के बाद, मुझे कॉमेडी करने की बहुत इच्छा थी। किस्मत से मुझे सोनी सब पर अपना पहला कॉमेडी शो करने का मौका मिल रहा है। मेरी बहन को मुझसे बहुत उम्मीदें हैं, मुझे उम्मीद है उन्हें मेरी परफॉर्मेंस पसंद आयेगी।

 क्या आप आसानी से कॉमेडी कर पाती हैं?

मुझे नहीं पता। मुझे पूरी तरह से कॉमेडी रोल करने का मौका नहीं मिला है। मुझे लगता है कि यह कठिन है, क्योंकि ग्लिसरीन लगाकर रोना आसान है लेकिन किसी को हंसाना मुश्किल। साथ ही खुद पर हंसना इतना आसान नहीं होता। मैंने जब खड़क (बदरूल इस्लाम) को अपने मजाकिया किरदार के लिये अभिनय करते हुए देखा, मैंने तुरंत ही हंसना शुरू कर दिया था। जब भी कोई हंसाने वाली लाइन आती, मैं शॉट्स के बीच अपनी हंसी रोक नहीं पाती थी।

सेट पर आपका पहला दिन कैसा था?

सेट पर पहला दिन बहुत खुशनुमा था। हर कोई मुझे समझ रहा था और मेरी मदद करने की कोशिश कर रहा वहां का माहौल बड़ा ही सकारात्मक था, कोई भी उसमें आसानी से घुल-मिल सकता है। जब मैं अपने पहले दिन दादी के साथ शूटिंग कर रही थी, तो तुरंत ही उनके साथ घुल-मिल गई। स्क्रीन पर जिस तरह नजर आते हैं, उसी तरह परदे के बाहर भी सब खुशियां बिखेरते हैं।

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